श्री पशुपतिनाथ अष्टमुखी दर्शन, मंदसौर (म.प्र.)
September 4, 2010 in Indian Culture, Travel Mania by deepak joshi
अभी हाल ही में मैंनें एक ब्लॉग पढ़ा । सौहार्द के प्रतीक धार्मिक उत्सव । मुझे लगा कि कितना सही कहा गया हैं । कितना सही लिखा गया है । वास्तव में सभी धार्मिक उत्सव सौहार्द, स्नेह, प्रेम, सहनशीलता, सदभाव, आदि को बढ़ाते ही है । चाहे ये किसी भी धर्म से संबंधित हो ।
मैं कुछ समय पूर्व सावन माह में मंदसौर, जो मध्यप्रदेश में है, गया था । वहॉ पर मैं श्री पशुपति नाथ जी (शिव जी) के एक प्राचीन मंदिर के दर्शन के लिए गया था। जिसका आजकल जीर्णोंद्दार का कार्य चल रहा है
तथा सावन माह में मंदिर निर्माण में सहयोग देने के लिए मनोकामना महाअभिषेक का आयोजन किया गया था जो एक माह तक चला जिस में सामूहिक पूजा का प्रावधान था जिस में लोग जोड़े से (चाहे पति एवं पत्नी हो या माँ एवं बेटा हो या फिर दो मित्र ही हों) बैठ कर भगवान शिव कि अराधना करते हुए परंपरागत तौर से एवं विधिविधान से मंत्रोंच्चारण के साथ पुजा करते है। स्टेज पर पाँच छः पुरोहित माईक पर बोल कर विधान से महाअभिषेक की पुजा संपन्न करवाते है और यह पुजा करीब दो घंटे तक चलती है। पुजा के लिए सभी सामग्री आदि मंदिर ही उपलब्ध करवाता है जैसे कि फूल, बेल पत्र, रोली अक्षत, दिया इत्यादि एक थाली में आप के बैठने के स्थान पर पहले से ही उपलब्ध होता है तथा इस के लिए मात्र 1100/ रूपये जमा कराने होते है जिस को वह निमार्ण कार्य पर खर्च कर रहे है। यहाँ इतने विस्तार से बताने का कारण यह है कि इस मंदसौर जिले में सभी संप्रदाय के लोग रहते है जिस में हिंदू, मुसलमान, सिख इत्यादि ।
वहॉं जा कर यह पता चला एवं मैने स्वंय यह देखा कि सिख संप्रदाय के भी कई लोग वहां उस पुजा में उपस्थित थे । तथा प्रबंध समिति के सदस्यों से यह भी पता चला कि बहुत संख्या में मुसलमानों ने भी इस अनुष्ठान के लिए अपनी ओर से 1100/ रूपये दान में दिए और उनकी जगह व उनके नाम से किसी और को बैठाया गया व पुजा अर्चना की गई ।
यहाँ यह सब बात कहने का अर्थ केवल यही है कि हमारे समाज में भेद भाव हैं, नही पर कुछ असमाजिक तत्व इस प्रेम को देख कर जलते है और किसी न किसी बात पर उसे भड़का कर झगड़े का रूप दे देते है जिस से हमारे बीच दीवार खिंच जाती है।
यदि आप इस मन्दिर के बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं तो इतिहास व परिचय यहां पढ़ें । यहां पहुँचनें की जानकारी इस लिंक से प्राप्त करें ।
दीपक जोशी










Hangman Game
Rock Paper Scissor Game
CURSE OF COMMONWEALTH
Go cauliflower!
WHICH TREE DO YOU BELONG TO?????
Thanks Deepak ji for sharing such useful information with all, we really need this kind of information. Earlier i’ve heard about pashupati Nath temple in Nepal, didn’t know that we have this Temple in India also.
wow! it’s an amazing place… nice pictures.
well its really good place have been to dis temple twice planning to visit again..
manav dixit ji, thanks for appriciation regarding the information. Yes, you can have darshan of shri Pashupati Nath ji. Construction work is going on differnt sides and and it will not effect on daily pooja and archana. If you like to visit, I suggest to try to attand the Arti in the morning which starts at around 7.00 to 7.30 AM
this seems great place. thanks for the information.
are they allowing visitors during renovation? i’ve to travel nearby areas of MP next month and i could visit the temple in that case….